जनभूमि/मुंगेली। नगर में इन दिनों महंगाई का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। कुछ दिन पहले शक्कर के दामों में अचानक बढ़ोतरी के बाद अब इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर के कई होटल एवं मिठाई दुकानदारों द्वारा शक्कर की कीमत बढ़ने का हवाला देते हुए मिठाइयों के दामों में आवश्यकता से अधिक वृद्धि की जा रही है। इससे त्योहारों के सीजन में आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि रक्षाबंधन के बाद अब लगातार बड़े त्योहारों का दौर शुरू हो गया है। आगामी त्योहारों के दौरान पूजा-पाठ एवं धार्मिक आयोजनों में मिठाइयों की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए मिठाई दुकानों में कीमतों में वृद्धि किए जाने की बात सामने आ रही है। आम लोगों का कहना है कि शक्कर की कीमत में बढ़ोतरी का असर यदि मिठाइयों की लागत पर पड़ता है तो सीमित वृद्धि समझ में आती है, लेकिन कई जगहों पर मिठाइयों के दाम में ₹40 से लेकर करीब ₹200 तक की वृद्धि किए जाने की चर्चा है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
महंगाई के बीच त्योहार मनाना हुआ मुश्किल
आम नागरिकों का कहना है कि पहले ही खाद्य सामग्री, सब्जी, तेल, दूध सहित रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ रखा है। ऐसे में त्योहारों के समय मिठाइयों के दाम में अचानक बढ़ोतरी आम परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है। विशेषकर मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को त्योहारों पर मिठाई खरीदने के लिए अब पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।
शक्कर की कीमत बढ़ने का कितना असर, इसकी हो जांच
लोगों का कहना है कि यदि शक्कर की कीमत में वृद्धि हुई है तो प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि मिठाई बनाने की वास्तविक लागत में कितनी वृद्धि हुई है और उसके अनुपात में मिठाइयों के दाम कितने बढ़ाए गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कहीं शक्कर की कीमत में बढ़ोतरी को आधार बनाकर मिठाइयों के दाम मनमाने तरीके से तो नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।
भंडारण और जमाखोरी की भी हो जांच
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से शक्कर के भंडारण, स्टॉक एवं बिक्री मूल्य की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि कहीं बड़े पैमाने पर शक्कर का भंडारण कर कृत्रिम रूप से बाजार में कमी पैदा करने अथवा बढ़ी कीमतों का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास किया जा रहा है तो ऐसे मामलों की जांच आवश्यक है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर के होटल एवं मिठाई दुकानों में बिकने वाली मिठाइयों के रेट, वजन, गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण की जांच की जाए। साथ ही दुकानदारों द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाए।
त्योहारों के सीजन में प्रशासन की निगरानी जरूरी
त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में आम जनता का कहना है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को बाजार में नियमित निगरानी रखनी चाहिए, ताकि किसी भी वस्तु की कीमत में अनावश्यक वृद्धि, जमाखोरी अथवा उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली पर रोक लगाई जा सके।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से शक्कर के बढ़े दामों के कारणों की जांच करने के साथ-साथ मिठाइयों के दामों में हुई अचानक वृद्धि की भी पड़ताल करने की मांग की है, ताकि त्योहारों के मौके पर आम जनता को राहत मिल सके और व्यापारी वर्ग द्वारा किसी भी प्रकार से महंगाई का अनुचित लाभ न उठाया जा सके।

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