जनभूमि/मुंगेली:–करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति से शहर की तस्वीर बदलने के दावे किए जा रहे हैं। गौरवपथ, नालंदा परिसर, स्वागत द्वार, स्विमिंग पूल, आगर खेल परिसर, निरंजन बाल वाटिका, बुधवारी बाजार सहित सड़क-नाली निर्माण जैसी योजनाएं मुंगेली के विकास की बड़ी उम्मीद जगाती हैं। लेकिन दूसरी ओर निर्माण की गुणवत्ता, काम की गति और निगरानी व्यवस्था को लेकर जनता के सवाल भी लगातार सामने आ रहे हैं।
नगरपालिका क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना नगरपालिका की जिम्मेदारी है। वहीं जिला प्रशासन की निगरानी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अब इन तमाम सवालों की नजर नवपदस्थ कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर भी टिक गई है।
कलेक्टर को पदभार संभाले अभी कुछ ही दिन हुए हैं। इसलिए पूर्व में स्वीकृत या चल रहे कार्यों की कमियों के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
लेकिन अब उनके सामने चुनौती बड़ी है। मुंगेली की जनता चाहती है कि नई प्रशासनिक पारी की शुरुआत पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ हो।
शहर में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और लंबित योजनाओं की समीक्षा यदि जिला स्तर पर की जाती है तो इससे न केवल जनता के सवालों का जवाब मिलेगा, बल्कि प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।
‘टेंडर लग गया लेकिन काम कब होगा
सड़कों की बदहाली पर सवाल उठाने पर अक्सर जवाब मिलता सड़क स्वीकृत हो गई है,टेंडर लग गया है। लेकिन जनता पूछ रही है टेंडर के बाद काम शुरू कब होगा और पूरा कब होगा।
नगरपालिका को प्रत्येक कार्य की लागत, ठेकेदार, समय-सीमा और गुणवत्ता जांच की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। वहीं जिला प्रशासन को बड़े कार्यों की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाना होगा।
बाहरी ठेकेदारों को लेकर सवाल
बड़े निर्माण कार्यों में बाहरी ठेकेदारों की भूमिका को लेकर भी शहर में चर्चा है। जनता का सवाल है—स्थानीय हो या बाहरी, क्या सभी ठेकेदारों पर गुणवत्ता के नियम समान रूप से लागू हो रहे हैं?
यदि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें हैं तो तकनीकी जांच और मौके के निरीक्षण से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
नवपदस्थ कलेक्टर के लिए यही होगी असली चुनौती
मुंगेली को सिर्फ नई घोषणाएं नहीं चाहिए। शहर को चाहिए समय पर पूरा होने वाले, मजबूत और टिकाऊ विकास कार्य।
कलेक्टर के सामने चुनौती यह होगी कि वे पुरानी शिकायतों और व्यवस्थागत कमियों की समीक्षा कर एक ऐसी प्रशासनिक कार्यशैली स्थापित करें, जिसमें नगरपालिका से लेकर निर्माण एजेंसी तक हर स्तर पर जवाबदेही तय हो।
जनता की नजर अब इस बात पर है कि क्या नई प्रशासनिक टीम विकास कार्यों की गुणवत्ता को प्राथमिकता देती है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करती है।

The News Related To The News Engaged In The Jan Bhumi Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
