जनभूमि–मुंगेली। जिले में शराब की उपलब्धता को लेकर शराब प्रेमियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकारी शराब दुकानों में जहां देसी शराब और कई लोकप्रिय ब्रांडों की कमी बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध रूप से शराब बेचने वाले कोचियों के पास पर्याप्त मात्रा में शराब उपलब्ध होने के दावों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शराब प्रेमियों का कहना है कि सरकारी दुकानों में अक्सर यह जवाब मिलता है कि स्टॉक खत्म हो गया है या संबंधित ब्रांड उपलब्ध नहीं है। इसके चलते लोगों को मजबूरी में नए और महंगे ब्रांड खरीदने पड़ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने यहां तक कहा कि यदि सरकार शराब की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रही है तो शराब दुकानों के संचालन की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल देसी शराब को लेकर उठ रहा है। शराब प्रेमियों का कहना है कि जब सरकारी दुकानों में देसी शराब उपलब्ध नहीं है, तब अवैध रूप से शराब बेचने वाले कोचियों के पास बड़ी मात्रा में शराब कहां से पहुंच रही है? यदि दुकानों में स्टॉक नहीं है तो फिर कोचियों तक शराब की आपूर्ति का स्रोत क्या है? यह ऐसा प्रश्न है जिसका जवाब आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।
शराब प्रेमियों का यह भी दावा है कि जिले में पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में शराब की आपूर्ति हो रही है और अवैध रूप से इसका कारोबार किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब दूसरे राज्यों की शराब आसानी से जिले तक पहुंच रही है, तो फिर इस पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? इस स्थिति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शराब प्रेमियों का आरोप है कि सरकारी दुकानों में कमी का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी मनमानी कीमतों पर शराब बेच रहे हैं। जहां दुकान का निर्धारित मूल्य कुछ और होता है, वहीं कोचियों द्वारा उससे कहीं अधिक राशि वसूली जा रही है। इससे उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण होने के साथ-साथ अवैध कारोबार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
शराब प्रेमियों का कहना है कि यदि वास्तव में शराब की कमी है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि कोचियों के पास लगातार शराब उपलब्ध है और दूसरे राज्यों से भी शराब की आपूर्ति हो रही है, तो यह जांच का विषय है कि यह पूरा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
इधर शराब संकट को लेकर नाराज शराब प्रेमियों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे “कॉकरोच आंदोलन” की तर्ज पर अभियान शुरू करेंगे। उनका कहना है कि जिस तरह कॉकरोच हर जगह पहुंच जाता है, उसी तरह शराब आपूर्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर कर पूरे सिस्टम को हिला देंगे। शराब प्रेमियों का कहना है कि उनकी मांग केवल इतनी है कि सरकारी दुकानों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए, अवैध बिक्री पर रोक लगे और उपभोक्ताओं को मनमाने दाम चुकाने के लिए मजबूर न किया जाए।
शराब प्रेमियों की मांग है कि आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच कर जनता को स्पष्ट जानकारी दे कि जब सरकारी दुकानों में देसी शराब उपलब्ध नहीं है, तो अवैध विक्रेताओं के पास शराब का स्टॉक कैसे पहुंच रहा है। साथ ही दूसरे राज्यों से होने वाली कथित अवैध शराब आपूर्ति और ओवररेटिंग पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
शराब प्रेमियों का सीधा सवाल
“जब भट्ठी में देसी शराब नहीं है, तो कोचियों के पास शराब कहां से आ रही है? और यदि दूसरे राज्यों से शराब आ रही है, तो उस पर रोक क्यों नहीं लग रही?”
“यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो कॉकरोच जनता पार्टी की तर्ज पर ‘मदिरा प्रेमी मोर्चा’ बनाकर पूरे सिस्टम की पोल खोलने का अभियान चलाया जाएगा।”

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