जनभूमि–मुंगेली/किसानों की समस्याओं, खाद संकट, बिजली, कृषि ऋण और धान भुगतान जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली ने 16 जून को बड़े जनआंदोलन का ऐलान किया है। “मुंगेली चलो, हल्ला बोल – कलेक्टरेट घेराव” के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में जिले भर से हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस ने इसे किसानों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए व्यापक जनसमर्थन की अपील की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में मुंगेली, लोरमी और पथरिया विधानसभा क्षेत्र के किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 16 जून को सुबह 11 बजे देव प्रापर्टी डीलिंग, मुंगेली से होगा, जिसके बाद विशाल रैली के रूप में कलेक्टरेट का घेराव किया जाएगा।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के किसान खाद की कमी, बढ़ती कृषि लागत, बिजली समस्याओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिनमें—
- प्रति एकड़ खाद कटौती के नाम पर वसूली गई राशि वापस की जाए।
- तीन बार में खाद वितरण की व्यवस्था समाप्त कर एकमुश्त खाद उपलब्ध कराया जाए।
- खाद-बीज पर किसानों का प्राथमिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
- डीजल-पेट्रोल की सुगम आपूर्ति हो और तेल कंपनियों की मनमानी पर रोक लगे।
- कृषि बिजली की बकाया दरें वापस ली जाएं और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई कर पूरे प्रदेश में एक समान दर सुनिश्चित की जाए।
- केसीसी ऋण सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ की जाए।
- धान उपज की शेष राशि का भुगतान किया जाए।
- विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता और लंबित अनुदान का त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- अवैध शराब बिक्री पर कठोर कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा कहा की यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों की आवाज को बुलंद करने का अभियान है। पार्टी का दावा है कि जिले के गांव-गांव में आंदोलन की तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में किसान मुंगेली पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
“किसान हमारा सम्मान, हमारी शान” के नारे के साथ आयोजित यह आंदोलन आगामी दिनों में जिले की राजनीति और किसान मुद्दों के केंद्र में रहने वाला है। अब सबकी नजर 16 जून पर टिकी है, जब हजारों किसानों की मौजूदगी में कांग्रेस प्रशासन और सरकार के सामने किसानों के सवालों को मजबूती से उठाने की तैयारी कर रही है।

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