जनभूमि–मुंगेली। जिले में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “ज्ञान भारतम्” कार्यक्रम के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने पास सुरक्षित प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथ, दस्तावेज एवं पांडुलिपियों को संरक्षित करने के इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाएं।कलेक्टर ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियां हमारी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की अमूल्य धरोहर हैं, जिनमें बीते समय की ज्ञान-परंपरा और जीवनशैली की झलक मिलती है। इनका संरक्षण न केवल हमारी पहचान को सहेजने का कार्य है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।उन्होंने बताया कि “ज्ञान भारतम्” कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसी पांडुलिपियों का संग्रह, डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जाएगा, ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें। इसके लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं और विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाएगी।कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों एवं पुस्तक प्रेमियों से आग्रह किया है कि यदि उनके पास कोई भी प्राचीन पांडुलिपि या दुर्लभ दस्तावेज उपलब्ध हो, तो वे प्रशासन से संपर्क कर इस अभियान का हिस्सा बनें।उन्होंने विश्वास जताया कि जिलेवासियों के सहयोग से यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में सफल होगी, बल्कि मुंगेली को एक समृद्ध ऐतिहासिक पहचान भी दिलाएगी।

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