जनभूमि–मुंगेली। देश में बढ़ती महंगाई, ईंधन संकट और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताओं का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में मुंगेली के स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बिलासपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की अपीलों पर कई सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत कम करने, किसानों को उर्वरकों का सीमित उपयोग करने, कामकाजी वर्ग को “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने, महिलाओं को खाद्य तेल और गैस की बचत करने, सोना खरीदने से बचने तथा विदेश यात्राएं टालने की सलाह दी थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह अपील सरकार की नीतिगत विफलताओं को दर्शाती है।
महंगाई से जनता पहले ही परेशान
विजय केशरवानी ने कहा कि देश पहले से ही महंगाई, गैस और ईंधन संकट की मार झेल रहा है। ऐसे समय में जनता को खर्च और उपयोग कम करने की सलाह देना उनकी परेशानियों को कम करने के बजाय बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है। इससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आम उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है और करों के माध्यम से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उर्वरक संकट पर भी उठे सवाल
कृषि क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के कई हिस्सों में पहले से ही उर्वरकों की कमी बनी हुई है, जिससे किसानों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। ऐसे में उर्वरक उपयोग कम करने की अपील किसानों के हित में नहीं मानी जा सकती। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में उर्वरक आपूर्ति को लेकर चिंता जताई गई।
“किचन का बजट पहले ही बिगड़ा हुआ”
पत्रवार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि महंगाई के कारण आम परिवारों की रसोई पहले ही प्रभावित हो चुकी है। खाद्य सामग्री, तेल, दाल, दूध, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में पिछले वर्षों में भारी बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना था कि गृहिणियां पहले से ही खर्चों में कटौती करने को मजबूर हैं।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वर्ष 2013 की तुलना में वर्ष 2026 में आटा, चावल, दूध, घी, सरसों तेल, दाल, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल सहित कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे आम आदमी की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
“वर्क फ्रॉम होम” सलाह पर भी सवाल
प्रधानमंत्री की “वर्क फ्रॉम होम” सलाह को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि यह विकल्प केवल सीमित क्षेत्रों और निजी कार्यालयों तक ही संभव है, जबकि बड़ी आबादी मजदूरी, व्यापार, खेती और फील्ड आधारित कार्यों से जुड़ी है। ऐसे लोगों के लिए यह सलाह व्यावहारिक नहीं है।
पत्रवार्ता में जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा, संजीत बनर्जी, शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता, हेमेंद्र गोस्वामी, दिलीप बंजारा, अभिलाष सिंह, नरेश पाटले, विष्णु खांडे, जागेश्वरी वर्मा, उर्मिला यादव, अनीता विश्वकर्मा, जलेश यादव, श्रीनिवास ठाकुर, रमेश राजपूत, लक्ष्मी नारायण, कौशल धृतलहरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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